गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र सहित देश के कई हिस्सों में मनाया जाने वाला प्रमुख हिंदू पर्व है। यह पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और विशेष रूप से मराठी समाज में इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि गुड़ी पड़वा 2026 कब है, तो नीचे पूरी जानकारी सरल हिंदी में दी गई है।
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गुड़ी पड़वा 2026 कब है? (Gudi Padwa 2026 Date)
गुड़ी पड़वा 2026
📅 तारीख: 19 मार्च 2026, गुरुवार
🕉 तिथि: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को ही गुड़ी पड़वा मनाया जाता है। इसी दिन से विक्रम संवत का नया वर्ष आरंभ होता है।
गुड़ी पड़वा का महत्व
- यह दिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।
- मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी।
- महाराष्ट्र में घरों के बाहर गुड़ी (ध्वज) लगाकर विजय, समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है।
- यह पर्व नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
गुड़ी क्या होती है और क्यों लगाई जाती है?
गुड़ी एक प्रकार का विजय-ध्वज होता है, जिसे बांस की लकड़ी, रेशमी कपड़े, नीम की पत्तियाँ, फूलों की माला और ऊपर उलटा तांबे या चांदी का कलश लगाकर सजाया जाता है।
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गुड़ी लगाने का अर्थ:
- बुराई पर अच्छाई की जीत
- सुख-समृद्धि का आगमन
- घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश
गुड़ी पड़वा पर क्या-क्या किया जाता है?
- सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई
- रंगोली बनाना
- घर के बाहर या खिड़की पर गुड़ी स्थापित करना
- विशेष पूजा-अर्चना
- नीम और गुड़ से बनी पारंपरिक चीज़ों का सेवन
- नए काम की शुरुआत (व्यापार, पढ़ाई, योजना आदि)
गुड़ी पड़वा 2026 क्यों है खास?
- 2026 में यह पर्व गुरुवार को पड़ रहा है, जिसे धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।
- नववर्ष की शुरुआत होने के कारण यह दिन नए संकल्प और योजनाओं के लिए उत्तम माना जाता है।
निष्कर्ष
अगर आप जानना चाहते थे कि गुड़ी पड़वा 2026 कब है, तो याद रखें —👉 19 मार्च 2026, गुरुवार को गुड़ी पड़वा मनाई जाएगी।यह पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई सोच और नई शुरुआत का संदेश देता है।
✨ गुड़ी पड़वा 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं! ✨
❓ Gudi Padwa 2026 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. गुड़ी पड़वा 2026 कब है?
उत्तर: गुड़ी पड़वा 19 मार्च 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी। यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को आती है।
Q2. गुड़ी पड़वा क्यों मनाई जाती है?
उत्तर: गुड़ी पड़वा हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। यह पर्व सुख, समृद्धि और नई शुरुआत का संदेश देता है।
Q3. गुड़ी पड़वा किस राज्य में प्रमुख रूप से मनाई जाती है?
उत्तर: गुड़ी पड़वा मुख्य रूप से महाराष्ट्र में मनाई जाती है। इसके अलावा गोवा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी यह पर्व मनाया जाता है।
Q4. गुड़ी क्या होती है और इसे क्यों लगाया जाता है?
उत्तर: गुड़ी एक विजय-ध्वज होता है जिसे घर के बाहर लगाया जाता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत, सफलता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
Q5. गुड़ी पड़वा पर क्या शुभ कार्य किए जा सकते हैं?
उत्तर: इस दिन नए काम की शुरुआत, व्यापार, निवेश, पढ़ाई, वाहन या घर से जुड़े कार्य शुभ माने जाते हैं।
Q6. गुड़ी पड़वा पर कौन-सा प्रसाद बनाया जाता है?
उत्तर: गुड़ी पड़वा पर नीम और गुड़ से बनी विशेष मिश्रण का सेवन किया जाता है, जो जीवन के कड़वे-मीठे अनुभवों का प्रतीक है।
Q7. क्या गुड़ी पड़वा हिंदू नववर्ष है?
उत्तर: हाँ, गुड़ी पड़वा को विक्रम संवत के अनुसार हिंदू नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।
Q8. गुड़ी पड़वा और उगादी में क्या अंतर है?
उत्तर: दोनों एक ही दिन मनाए जाते हैं, लेकिन गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र में और उगादी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व कर्नाटक में मनाया जाता है।
Q9. गुड़ी पड़वा 2026 किस वार को है?
उत्तर: गुड़ी पड़वा 2026 गुरुवार के दिन है, जो धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।
Q10. गुड़ी पड़वा पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
उत्तर:
✔ साफ-सफाई, पूजा, गुड़ी स्थापना, नए कपड़े पहनना शुभ है
✖ नकारात्मक सोच, झगड़ा और आलस्य से बचना चाहिए

