वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है। इस दिन वट वृक्ष (बरगद) की पूजा और सावित्री–सत्यवान की कथा का विशेष महत्व होता है।
✅ क्या करें (Do’s)
1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करके साफ या नए कपड़े पहनें (लाल, पीला, हरा शुभ माना जाता है)।
2. श्रद्धा से व्रत रखें
- अपनी क्षमता अनुसार निर्जला व्रत या फलाहार व्रत रखें
- मन, वचन और कर्म से पवित्रता बनाए रखें
3. वट वृक्ष की पूजा करें
- बरगद के पेड़ के पास जाकर पूजा करें
- जल, रोली, चावल, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें
- पेड़ के चारों ओर 7 बार धागा (कलावा) बांधें
4. पूजा सामग्री तैयार रखें
पूजा थाली में रखें:
- दीपक (दीया)
- रोली और अक्षत
- फल, मिठाई
- जल से भरा कलश
5. व्रत कथा सुनें या पढ़ें
सावित्री–सत्यवान की कथा अवश्य सुनें या पढ़ें, इससे व्रत पूर्ण माना जाता है।
6. बड़ों का आशीर्वाद लें
घर के बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
7. सही तरीके से व्रत खोलें
- शाम को पूजा के बाद व्रत खोलें
- केवल सात्विक भोजन ग्रहण करें
❌ क्या न करें (Don’ts)
1. मांसाहार और शराब से दूर रहें
इस दिन मांस, अंडा और शराब का सेवन बिल्कुल न करें।
2. क्रोध और विवाद से बचें
गुस्सा, झगड़ा या गलत शब्दों का प्रयोग न करें।
3. बाल और नाखून न काटें
यह अशुभ माना जाता है।
4. दिन में सोने से बचें
दिनभर पूजा, जप या धार्मिक कार्यों में मन लगाएं।
5. काले कपड़े न पहनें
इस दिन शुभ रंग (लाल, पीला, हरा) पहनना बेहतर होता है।
6. कथा सुनना न छोड़ें
व्रत कथा के बिना व्रत अधूरा माना जाता है।
7. व्रत नियमों को हल्के में न लें
व्रत पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करें।
🌸 व्रत के लाभ
- पति की लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन
- वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि
- अखंड सौभाग्य की प्राप्ति
- परिवार में शांति और खुशहाली
📅 2026 में वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) की तिथि
👉 16 मई 2026 (शनिवार)
✨ अंतिम बात
इस व्रत का सबसे बड़ा आधार श्रद्धा और सच्ची भक्ति है। नियमों के साथ-साथ सच्चे मन से पूजा करना ही सबसे महत्वपूर्ण है।


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