Navratri 2025 हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और लोकप्रिय पर्व है। साल में पाँच बार नवरात्रि आती है, लेकिन Chaitra Navratri और Sharadiya Navratri को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। दोनों नवरात्रियों के समय, महत्व और उत्सव में अंतर है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।

नवरात्रि क्या है? (Navratri Kya Hai?)
“नवरात्रि” शब्द संस्कृत के नव (यानी नौ) और रात्रि (यानी रातें) से बना है। यह त्योहार देवी दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा का पर्व है। भक्त उपवास रखते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और शक्ति की आराधना करते हैं।
साल में पाँच नवरात्रियां
- चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri)
- शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri)
- आषाढ़ नवरात्रि (Ashadha Navratri)
- पौष नवरात्रि (Paush Navratri)
- माघ नवरात्रि (Magh Navratri)
इनमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि ही सबसे प्रमुख मानी जाती हैं।

चैत्र नवरात्रि 2025
Chaitra Navratri हर साल चैत्र माह (मार्च–अप्रैल) में मनाई जाती है। इसे वसंत ऋतु की नवरात्रि भी कहा जाता है।
महत्व:
- चैत्र नवरात्रि को कई राज्यों में Hindu New Year की शुरुआत माना जाता है।
- इस नवरात्रि का अंतिम दिन राम नवमी होता है, जब भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
क्षेत्रीय नाम (Regional Celebrations):
- महाराष्ट्र – गुड़ी पड़वा (Gudi Padwa)
- कश्मीर – नवरेह (Navreh)
- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक – उगादी (Ugadi)
शारदीय नवरात्रि 2025
Sharadiya Navratri आश्विन माह (सितंबर–अक्टूबर) में मनाई जाती है। इसे सबसे बड़ी और पावन नवरात्रि माना जाता है।
महत्व:
- इसे Maha Navratri भी कहा जाता है।
- मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय की स्मृति में पूजा होती है।
- दसवें दिन दशहरा (Vijayadashami) मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
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चैत्र और शारदीय नवरात्रि में अंतर
| पहलू (Aspect) | चैत्र नवरात्रि (Chaitra) | शारदीय नवरात्रि (Sharadiya) |
| समय (Time) | मार्च–अप्रैल | सितंबर–अक्टूबर |
| अंतिम दिन (Last Day) | नई शुरुआत, Hindu New Year | शक्ति, भक्ति और विजय |
| महत्व (Significance) | राम नवमी (Ram Navami) | दशहरा (Dussehra) |
| लोकप्रियता (Popularity) | उत्तर व पश्चिम भारत | पूरे भारत में |
| प्रतीक (Symbolism) | वसंत, नवजीवन और नवीकरण | बुराई पर अच्छाई की विजय |
निष्कर्ष
Chaitra Navratri आध्यात्मिक नवीकरण और नई शुरुआत का प्रतीक है, जबकि Sharadiya Navratri शक्ति और विजय का उत्सव है। दोनों नवरात्रियां भक्तों को मां दुर्गा की कृपा पाने और आत्मबल बढ़ाने का अवसर देती हैं।
❓ चैत्र और शारदीय नवरात्रि 2025 से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. चैत्र नवरात्रि 2025 कब से कब तक है?
👉 चैत्र नवरात्रि 2025 की शुरुआत 30 मार्च 2025 से होगी और इसका समापन 7 अप्रैल 2025 (राम नवमी) को होगा।
2. शारदीय नवरात्रि 2025 कब मनाई जाएगी?
👉 शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरुआत 22 सितंबर 2025 से होगी और इसका समापन 2 अक्टूबर 2025 (दशहरा) को होगा।
3. चैत्र और शारदीय नवरात्रि में क्या अंतर है?
चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में (मार्च–अप्रैल) मनाई जाती है और इसका अंतिम दिन राम नवमी होता है।शारदीय नवरात्रि शरद ऋतु में (सितंबर–अक्टूबर) आती है और इसका समापन दशहरा पर होता है।
4. चैत्र नवरात्रि का धार्मिक महत्व क्या है?
चैत्र नवरात्रि नई शुरुआत और Hindu New Year का प्रतीक मानी जाती है। इस दौरान भक्त उपवास रखते हैं और राम नवमी का पर्व भी मनाया जाता है।
5. शारदीय नवरात्रि क्यों सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है?
शारदीय नवरात्रि को Maha Navratri कहा जाता है। यह मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय की स्मृति में मनाई जाती है और इसका समापन दशहरा से होता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

